
कुछ जाने पहचाने से ये चेहरे,
मिलते है हर रोज नए चेहरे
नए सूरत में छुपा नया अंदाज
किसी चेहरे में गहरा दर्द तो,
किसी में हजारों कशमकश ,,
किसी में किसी को पाने की ख़ुशी तो,
किसी में किसी को को न भूल पाने का गम ,
लगता जैसे मुझ में ही है सब,
किसी को पाने की ख़ुशी तो नहीं
पर किसी को न भूल पाने का गम,
जाने कौन से चेहरे में देखू ,
मैं अपना ही चेहरा, अपना ही वजूद ,
जैसे मैं ही मैं हूँ हर चेहरे मे
अपने ही अक्श को ढूंढती नजरें . कुछ जाने पहचाने से ये चेहरे,
मिलते है हर रोज नए चेहरे
